सपोर्ट सिस्टम की कमी से कैंप 2 से वापस लौटे अर्जुन, दो दिनों बाद दोबारा चढ़ेंगे

-शुक्रवार को कैंप 2 से कैंप 3 जाने की भी तैयारी थी, लेकिन पुटोन की कमी से आगे नहीं बढ़ सके
-अर्जुन के साथी पर्वतारोही पासंग के सिर में लगी चोट, इलाज के बाद स्वस्थ
नई दिल्ली/नोएडा, खेलरत्न, सं:
सपोर्ट सिस्टम की कमी के कारण अर्जुन शुक्रवार को विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा के कैंप 2 से वापस लौट आए। दो दिन पहले वह यहां पहुंचे थे। यहां से कैंप 3 पर भी जाना था, लेकिन पुटोन की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ सके। अब 30 अप्रैल को दोबारा कैंप 2 और 3 के लिए चढ़ाई की शुरुआत करेंगे। मई के दूसरे सप्ताह में चोटी पर पहुंचने की उम्मीद है।
फाइल फोटो
अर्जुन 26 अप्रैल को बेसकैंप से कैंप 2 पर पहुंचे थे। यहां से 7100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप 3 पर भी उन्हें जाना था,  लेकिन जब आगे बढ़ने की तैयारी की गई तो पुटोन कम पड़ गए। इससे उनकी टीम में शामिल सभी पर्वतारोही बेसकैंप वापस लौट आए।अर्जुन की टीम में शामिल नेपाल के पर्वतारोही पासंग के सिर में चोट लगने  से भी थोड़ी दिक्कत आई. कैंप 2  पर चढ़ाई करते समय ऊपर से पत्थर गिरने से चोट लगी. अब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं,  अर्जुन के पिता एसके वाजपेयी ने बताया कि पुटोन की कमी के कारण पर्वतारोही कैंप 2 से आगे नहीं बढ़े। अभी पर्वतारोहियों को मौसम का मिजाज भी भांपना चाहिए। इसके लिए दो-तीन बार बेस कैंप से ऊपर नीचे आएंगे।
रस्सी को फंसाने के लिए उपयोग होता है पुटोन
चढ़ाई के दौरान रस्सी को फंसाने के लिए पुटोन का उपयोग होता है। कैंप 2 से 3 जाने के लिए पुटोन की संख्या काफी कम मिली। वहीं कैंप 2 से 3 तक जाने में टेढ़े-मेढ़े रास्ते हैं। ऐसे में इन रास्तों में काफी पुटोन लगते हैं। सभी पर्वतारोहियों ने निर्णय लिया कि बेसकैंप वापस लौटना चाहिए। अभी कैंप 3 और 4 में काफी तेज हवाएं भी चल रही हैं।
अर्जुन वाजपेयी का पर्वतारोहण में अबतक का सफर 

2010 : 16 वर्ष की आयु में विश्व की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट पर फतह किया. इस चोटी  पर फतह करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने.
2011 : मनासलू की चोटी  पर फतह करनेवाले सबसे कम उम्र के पर्वतारोही। ऊंचाई 8163 मीटर.
इसी वर्ष अर्जुन ने 8516 मीटर ऊंची ल्होत्से की चोटी  फतह की.
2015 :  हिमाचल प्रदेश में एक नै चोटी  की खोज की. भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम पर इसका नाम माउंट कलाम रखा.
2016 : चौथे प्रयास में मकालू चोटी  पर फतह किया. सबसे कम उम्र के भारतीय बने.
इसी वर्ष चो यू  छोटी पर भी फतह किया.

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