36 घंटे बाद अर्जुन से हुआ संपर्क, अन्नपूर्णा चोटी नहीं कर पाए फतह

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 10:00, PM.
विश्व की दसवीं सबसे ऊंची चोटी अन्नपूर्णा (8091 मीटर) पर अर्जुन वाजपेयी फतह नहीं कर पाए। तेज हवाएं और भारी बर्फबारी के कारण अर्जुन वाजपेयी अन्नपूर्णा चोटी से 300 मीटर पहले से वापस बेसकैंप लौट आए। इस दौरान उनके टीम में शामिल तीन विदेशी पर्वतारोही चोटिल भी हो गए। आगे बढ़ने के दौरान रस्सी टूटने से यह हादसा हुआ। अर्जुन की मां प्रिया वाजपेयी के अनुसार अर्जुन को चोटें नहीं आई हैं। करीब 36 घंटे तक उनसे संपर्क न होने से परिवार की चिंता बढ़ गई थी।

अर्जुन वाजपई

कैंप पांच के बाद 7800 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद तेज बर्फबारी हुई। हवा की रफ्तार भी बढ़ गई। इससे पर्तारोही आगे नहीं बढ़ पाए। इसी दौरान 12 मई की रात के बाद इनका संपर्क टूट गया, लेकिन मौसम बिगड़ने के कारण पर्वतारोहियों ने बेसकैंप की ओर उतरना ही बेहतर समझा। ऐसे में चारों पर्वतारोही नीचे की ओर कदम बढ़ाया। तेज बर्फबारी और हवा के कारण पर्वतारोहियों की रस्सी भी टूट गई। जिससे पर्वतारोही एक दूसरे पर गिर गए। इससे तीन पर्वतारोहियों के पैरों में चोटें आई हैं।

अर्जुन वाजपेयी 12 मई की रात कैंप फाइव पहुंच गए थे। इसी दिन देर रात तक वह 7800 मीटर की ऊंचाई तक आए। इसके बाद से उनसे संपर्क टूट गया। 13 मई को अर्जुन सहित किसी भी पर्वतारोहियों से बातचीत नहीं हो पाई थी। इससे अर्जुन के परिवारवालों की चिंता बढ़ गई थी। मंगलवार को करीब 10 बजे सुबह अर्जुन के मैसेज ने परिवारवालों को राहत दी। अर्जुन वाजपेयी 8000 मीटर से ऊंची छह चोटियों पर फतह कर चुके हैं। अन्नपूर्णा सातवीं चोटी थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इससे पहले अर्जुन वाजपेयी मकालु और चोयू चोटी पर फतह के दौरान घायल हो चुके हैं। दो-तीन प्रयास के बाद इन चोटियों पर उन्होंने सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

उनकी मां प्रिया वाजपेयी ने उनसे सेटेलाइट फोन पर बातचीत करनी चाही, लेकिन संभव नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बेसकैंप पर मौजूद लोगों से बातचीत के बाद अर्जुन के बारे में पूरी जानकारी मिली। मैसेज के माध्यम से ही अर्जुन के बारे में जाना। वह सुरक्षित है। उसे कितनी चोटें आई हैं। यह पता नहीं है, क्योंकि मैसेज के माध्यम से उसने बताया कि वह ठीक है।

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