अन्नपूर्णा चोटी पर दोबारा जून में चढ़ाई करेगा जांबाज अर्जुन

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 9:00, PM.
विश्व की दसवीं सबसे ऊंची चोटी अन्नपूर्णा (8091 मीटर) पर चढ़ाई न कर पाने के दस दिन बाद दोबारा फतह के लिए निकलेंगे। जून पहले सप्ताह में अर्जुन इस चोटी पर चढ़ाई का दूसरा प्रयास करेंगे। उनके साथ चीन के भी चार पर्वतारोही होंगे। पर्वतारोहण के करियर में पहली बार वह इतने कम दिनों के अंतराल में दूसरी बार किसी चोटी पर चढ़ाई करेंगे। कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले अर्जुन वाजपेयी ने विशेष बातचीत में अन्नपूर्णा की चढ़ाई के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया।

 

अन्नपूर्णा के बेस कैंप पर अर्जुन वाजपेयी

अर्जुन वाजपेयी ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में बेस कैंप से अन्नपूर्णा फतह के लिए निकलेंगे। यहां पहुंचने के लिए ट्रैकिंग के बजाय हेलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी। ताकि हम कम समय में चोटी पर फतह का दोबारा प्रयास करें। इसबार अभियान 7-10 दिनों का होगा। दोबारा इतनी जल्दी उसी चोटी की चढ़ाई के बारे में अर्जुन ने बताया कि वहां के वातावरण में हम ढल चुके हैं। वहीं जून के पहले सप्ताह में वहां का मौसम पर्वतारोहियों के लिए अनुकूल हो सकता है। लिहाजा इतनी जल्दी दोबारा चढ़ाई का निर्णय लिया। अन्नपूर्णा चोटी से महज 250 मीटर पहले से हम वापस आ गए। इसका कारण मौसम की खराबी के साथ ही पर्वतारोहियों की खराब हालत भी थी। जिससे हमने वापस आना बेहतर समझा। इस बार हम बिना ऑक्सीजन के ही चढ़ाई कर रहे थे। आने वाले अभियान में भी हम बिना ऑक्सीजन के ही चढ़ाई करेंगे।

फाइल फोटो

 

रस्सी खुल जाने से हुआ था हादसा, यह मेरा दूसरा जन्म
अर्जुन वाजपेयी ने बताया कि कैंप 3 से 4 जाने के दौरान रस्सी के खुल जाने से सभी पर्वतारोही 55-60 मीटर नीचे जा गिरे। जिसमें सभी को चोटें आईं। चार को छोड़कर सभी बेसकैंप पर वापस लौट गए। इतनी ऊंचाई से गिरकर भी सभी सुरक्षित रहे। यह मेरे दूसरे जन्म जैसा था। कैंप टू से कैंप थ्री जाने वाला रास्ता महज एक फुट चौड़ी है। इसी से इस खतरनाक चढ़ाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस पर्वत पर चढ़ाई करने वाले तीन में से एक की मौत हुई है।

प्रतिदिन चार-पांच बार होता है हिमस्खलन
अर्जुन ने बताया कि अन्नपूर्णा अभियान में हमनें देखा की प्रतिदिन चार से पांच बार हिमस्खलन हुआ। यहां का तापमान माइनस 65 डिग्री तक चला गया। हवाएं तेज होती हैं। जिससे इस चढ़ाई को और भी मुश्किल बना देती हैं। इसके अलावा रास्ते काफी संकरे हैं। यहां एकाएक मौसम करवट लेती है। जो पर्वतारोहियों की मुश्किलें बढ़ा देती है।

अर्जुन वाजपई

कड़ी मेहनत ने अर्जुन को बनाया जांबाज
पर्वतारोहण में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके अर्जुन ने इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है। वह प्रतिदिन 65 किलोमीटर की साइकिलंग करते हैं। इसके अलावा दो-तीन घंटे का व्यायाम, योग आदि शामिल है। अर्जुन बताते हैं कि सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए अलग अलग व्यायाम निर्धारित हैं। सभी के लिए एक-एक दिन निर्धारित है। अगर मुझे पुशअप करना है तो उसके लिए एक दिन निर्धारित है और उस दिन सिर्फ पुशअप ही करता हूं। पुशअप की संख्या एक हजार तक होती है जो नियमित अंतराल पर होता है।

अन्नपूर्णा चोटी पर फतह से बनेंगे ये रिकॉर्ड
-भारत के पहले पर्वतारोही बनेंगे जो 8000 मीटर से ऊंची सात चोटियों पर फतह की हो
-सात चोटियों पर फतह करने वाले विश्व के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही होंगे
-अब तक अर्जुन 8000 मीटर से अधिक ऊंचाई की छह चोटियों पर फतह कर चुके हैं
-भारत में यह रिकॉर्ड बनाने वाले अर्जुन और एक अन्य पर्वतारोही है
-बिना ऑक्सीजन के इस चोटी पर जाने वाले अर्जुन भारत के पहले पर्वतारोही बनेंगे

 

युवाओं में बढ़ रहा है पर्वतारोहण के प्रति रुझान
देश के युवाओं में पर्वतारोहण के प्रति रुझान बढ़ रहा है। खासकर 12-16 आयुवर्ष के बीच के किशोरों की संख्या अधिक है। वे पर्वतारोहण को पेशेवर तरीके से लेना चाहते हैं। अर्जुन की जीवनी पर एक फिल्म भी बन चुकी है। जिसका रिस्पांस अच्छा रहा।

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