अन्नपूर्णा चोटी से 800 मीटर पहले सबसे खतरनाक रास्ते से आगे बढ़ेंगे अर्जुन

विश्व की दसवीं सबसे ऊंची चोटी के कैंप दो पर पहुंचे अर्जुन
नोएडा। खेलरत्न, सं, Time, 10:40, PM.
अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी एक और विश्व रिकॉर्ड की ओर आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन विश्व की दसवीं सबसे ऊंची चोटी अन्नपूर्णा फतह से पहले उन्हें 800 मीटर सबसे खतरनाक रास्ते से पार पाना होगा। कैंप टू की ऊंचाई 5600 मीटर है। जबकि कैंप थ्री 6400 मीटर पर स्थित है। इस बीच की दूरी 800 मीटर पर्वतारोहण का सबसे खतरनाक रास्ता माना जाता है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस चोटी पर चढ़ाई करने वाले तीन में से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अन्नपूर्णा चोटी की ऊंचाई 8091 मीटर है।

 

अन्नपूर्णा के बेस कैंप पर अर्जुन वाजपेयी

अन्नपूर्णा के कैंप टू पर अर्जुन पहुंच गए हैं। तूफान और हिमपात के कारण अर्जुन करीब दो सप्ताह से बेस कैंप पर थे। गुरुवार को वह चार अन्य पर्वतारोहियों के साथ चोटी फतह के लिए आगे बढ़े। 12 और 13 मई को इस चोटी को फतह करने का प्रयास करेंगे। इन दो दिनों में मौसम में सुधार होने का पूर्वानुमान है। सेक्टर-51 निवासी अर्जुन वाजपेयी के साथ चीन के दो और इटली के दो पर्वतारोही भी इस अभियान में शामिल हैं। दो दिन पहले तक इस क्षेत्र में काफी बर्फबारी हुई। जिससे सभी पर्वतारोहियों ने दो सप्ताह का समय बेसकैंप पर ही गुजारा। कैंप टू की ऊंचाई 5600 मीटर है। 12 मई को अर्जुन अपने साथी पर्वतारोहियों के साथ कैंप थ्री और इससे आगे बढ़ेंगे। कैंप टू से थ्री तक का रास्ता सबसे दुर्गम है। इस रास्ते पर मृत्यु दर 32 प्रतिशत है। मतलब चोटी पर चढ़ाई के दौरान प्रत्येक तीन पर्वतारोहियों में एक की मौत हुई है। यहां कभी भी हिमपात और बर्फबारी का खतरा रहता है। सकरा रास्ता भी पर्वतारोहियों की मुश्किलें बढ़ाता है। अगर अर्जुन वाजपेयी इस चोटी को फतह करते हैं तो 8000 मीटर से ऊंची सात चोटियों पर फतह करने वाले वह विश्व के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही होंगे। इन चोटियों पर फतह करने वाले अर्जुन देश के एकमात्र पर्वतारोही होंगे। अर्जुन ने 15 वर्ष की उम्र में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह की थी। इसके बाद उन्होंने पर्वतारोहण में कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए। इसी साल उनकी जीवनी से संबंधित एक फिल्म भी रिलीज हुई।

 

इन चोटियों पर फतह कर चुके हैं अर्जुन
– विश्व की सबसे ऊंची चोटी मांउंट एवरेस्ट पर फतह की
-विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा पर चढ़ाई की
-विश्व की चौथी सबसे ऊंचीचोटी ल्होत्से पर सफलतापूर्वक अभियान पूरा किया
-विश्व की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी मकालू पर परचम लहराया
-विश्व की छठी सबसे ऊंची चोटी चो-यू पर तिरंगा लहराया
-विश्व की आठवीं सबसे ऊंची चोटी मनासलु फतह की

 

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