कॉरपोरेट टूर्नामेंट पर भी रहेगी खेल संघ की नजर

-बिना खेल संघ के एनओसी नहीं किया जा सकेगा आयोजन
-नोएडा स्टेडियम में 10 और 11 मार्च को एक प्रतियोगिता होनी है
-इसकी अनुमति संबंधित खेल संघ से नहीं ली गई है, रद्द की जाएगी
नोएडा। Time, 11:40, PM.
सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग की प्रतियोगिताओं के साथ ही कॉरपोरेट टूर्नामेंट पर भी खेल संघों की नजर रहेगी। ऐसे में अंतर कॉरपोरेट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए खेल संघ से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों के अनुसार नोएडा स्टेडियम में अंतर कॉरपोरेट टूर्नामेंट का आयोजन 10 और 11 जनवरी को होनी है, जिसकी अनुमति खेल संघ से नहीं ली गई है। ऐसे में इस प्रतियोगिता का रद्द होना तय है।

file photo

 

शहर में एक में 30 से अधिक कॉरपोरेट टूर्नामेंट होते हैं। पहले इन खेलों के आयोजन के लिए खेल संघ से अनुमति नहीं ली जाती थी, लेकिन अब बिना अनुमति खेल का आयोजन नहीं हो पाएगा। नोएडा स्टेडियम में 11 मार्च से शुरू होने वाली प्रतियोगिता का भी रद्द होना लगभग तय है। प्रतियोगिता के आयोजन के लिए दो दिनों के लिए बैडमिंटन कोर्ट की बुकिंग की गई है। वहीं मार्च और अप्रैल में विभिन्न सेक्टरों की खेल अकादमियों में कई कॉरपोरेट टूर्नामेंट होने हैं। अगर इनके आयोजकों ने खेल संघ से प्रतियोगिता आयोजित कराने के लिए अनुमति नहीं लेते तो प्रतियोगिता नहीं होगी।

‘अंतर कॉरपोरेट प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी खेल संघ से अनुमति ली जानी चाहिए। क्योंकि इसमें भी अलग-अलग कंपनियों की टीमें भाग लेती हैं। और उनसे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एंट्री फीस ली जाती है। ‘
आनंद खरे, सचिव, जिला बैडमिंटन संघ

‘किसी भी प्रतियोगिता में अगर एक से अधिक कंपनियां शामिल होती हैं तो उसके आयोजन के लिए खेल संघ से एनओसी लेनी जरुरी है। इसके बिना कोई भी आयोजन नहीं हो सकेगा, क्योंकि ऐसी प्रतियोगिताओं में भी खेल के सभी नियम लागू होते हैं।’
अनिता नागर, क्रीड़ा अधिकारी

एक कंपनी के कर्मचारियों के आपस में खेलने के लिए एनओसी की जरुरत नहीं
एक कंपनी अपने कर्मचारियों के बीच खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराती हैं तो उसके लिए खेल संघ से अनुमति लेने की जरुरत नहीं होगी। लेकिन इस दौरान भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी सुविधाएं होनी चाहिए। अगर दो या तीन कंपनियों के बीच टूर्नामेंट होता है तो आयोजन के लिए खेल संघ से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बिना आयोजन नहीं हो पाएगा।

ऐसी प्रतियोगिताओं में होते हैं करोड़ों खर्च
अंतर कॉरपोरेट प्रतियोगिताओं में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। टीम स्पर्धाओं की एंट्री फीस 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक होती है। वहीं व्यक्तिगत स्पर्धाओं में यह राशि 2 हजार रुपये लेकर 20 हजार तक होती है। ऐसे टूर्नामेंट से आयोजकों को काफी आर्थिक लाभ होता है।

Leave a Reply