इशि ने चैंपियनशिप सीरीज का युगल खिताब जीता

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 8:00, PM.
शहर की इशि माहेश्वरी ने करनाल में 13 सितंबर को समाप्त हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप सीरीज के अंडर-12 और 14 में शानदार प्रदर्शन किया। अंडर-14 का युगल खिताब पर कब्जा करने के साथ ही अंडर-12 और 14 एकल वर्ग की उपविजेता भी बनीं। सेक्टर-23 निवासी इशि पहले भी राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिता में उम्दा प्रदर्शन कर चुकी हैं।

इशि अपनी प्रशिक्षक विनीता के साथ

 

अंडर-14 में इशि ने महिका खन्ना के साथ जोड़ी बनाते हुए रिजु चौहान और आद्रा परिहार को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से हराकर खिताबी जीत हासिल की। फाइनल में इस जोड़ी ने शानदार रिटर्न, सर्विस आदि से अंक बटोरे। इस टूर्नामेंट में इससे पहले के मुकाबलों में भी दोनों की जोड़ी ने आसान जीत दर्ज की। अंडर-12 के एकल वर्ग में भी इशि ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। अंडर-14 के खिताबी मुकाबले में उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी महिका खन्ना को टक्कर दी। फाइनल में इशि को 6-1, 6-7, (6-3) से हार का सामना करना पड़ा। वहीं अंडर-12 में शहर की इस खिलाड़ी ने पहुंच बनाई। खिताबी मुकाबले में उन्हें दिवांशी ने हराया। एसबीएस स्कूल की छठी कक्षा की छात्रा इशि सेक्टर 110 स्थित लेसिस्टर टेनिस एकेडमी में विनीता और आदित्य से खेल की बारीकियां सीख रही हैं। खेल में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह खिलाड़ी प्रतिदिन 3-4 घंटे टेनिस कोर्ट पर अभ्यास करती हैं। इशि की मां रचना ने बताया कि बेटी सोमवार से करनाल में होने वाली सुपर सीरीज टेनिस चैंपियनशिप के अंडर-12 में भी भाग लेगी। इस प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

स्केटिंग, तैराकी और कथक का भी शौक
टेनिस में शानदार खेल का प्रदर्शन करने वाली इशि को कथक नृत्य का भी शौक है। वह खाली समय में इसका भी अभ्यास करती हैं। साथ ही तैराकी, स्केटिंग में भी दमखम दिखा चुकी हैं। इन खेलों में वह स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। हालांकि जब से उन्होंने टेनिस को पेशेवर रूप में अपनाया है। तब से इन खेलों का अभ्यास कम हो गया है। ताकि टेनिस में सकारात्मक परिणाम मिल सके।

पैरेंट्स का भी खेल में रुझान
इशि की मां रचना माहेश्वरी व पिता अमित माहेश्वरी भी स्कूल स्तर पर खिलाड़ी रह चुके हैं। रचना स्कूल स्तर पर बैडमिंटन की खिलाड़ी थी और कई प्रतियोगिताओं में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वहीं पिता क्रिकेटर थे। वह भी स्कूली स्तर क्रिकेट में दमखम दिखा चुके हैं। यही कारण है कि इशि को भी खेल में आगे बढ़ाने के लिए दोनों का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

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