भारतीय दिव्यांग फुटबॉल टीम के उपकप्तान बने नोएडा के विजय

नोएडा। खेलरत्न, सं : Time, 1:50, PM.
करीब सात साल की उम्र में अपना बायां हाथ गंवा चुने छलेरा के विजय शर्मा भारतीय दिव्यांग फुटबॉल टीम (इंप्यूटी) के उपकप्तान बन गए हैं। इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से मिली इस उपलब्धि से विजय काफी खुश हैं। केन्या की राजधानी नैरोबी में 16 मई से शुरू होने वाले कनफेडरेशन अफ्रीका कप में भारतीय टीम दमखम दिखाएगी। उन्हें इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। 38 वर्षीय विजय राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग क्रिकेट के भी अच्छे खिलाड़ी हैं।

विजय शर्मा

 

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए विजय प्रतिदिन चार घंटे का अभ्यास कर रहे हैं। इसमें 5 किलोमीटर की दौड़ भी शामिल है। साथ ही सेक्टर-44 में फुटबॉल का अभ्यास भी करते हैं। उनका बायां हाथ केहुनी के नीचे से नहीं है। इससे पहले भी वह एशिया कप में दिव्यांग फुटबॉल में भारत का प्रदर्शन कर चुके हैं। वह दिव्यांग क्रिकेट भी शानदार खिलाड़ी है। सोनीपत में राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता में उन्होंने दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया। दिल्ली की टीम इस टूर्नामेंट में उपविजेता रही। विजय ने दो मुकाबले में 24 और नाबाद 12 रनों की पारी खेली। वह उत्तर क्षेत्र की टीम से भी मुंबई खेलने गए। दो साल पहले तक वह दिल्ली दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ी थे। पिछले वर्ष उनका चयन भारतीय फुटबॉल टीम के लिए भी किया गया।

विजय शर्मा बताते हैं कि दिव्यांग खेलों को उतनी मदद नहीं मिल रही है जितनी मिलनी चाहिए। कई खिलाड़ी तो पैसों के अभाव में खेल से अलग हो जाते हैं, क्योंकि सरकारी सहयोग नहीं मिल पाता। बेहतर प्रदर्शन के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं। खासकर फिटनेस पर विशेष ध्यान है।

 

विजय शर्मा

एशिया एंप्यूटी फुटबॉल में बन चुके हैं बेस्ट गोलकीपर
पिछले वर्ष दिसंबर महीने में इंडोनेशिया में हुई एशिया एंप्यूटी कप फुटबॉल में विजय को बेस्ट गोलकीपर का तमगा मिला। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए 11 गोल बचाए। इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही। इस टूर्नामेंट में इनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें अफ्रीका कप के लिए भारतीय टीम का उपकप्तान बनाया गया।

डेढ़ दशक से क्रिकेट भी खेल रहे
दिव्यांग क्रिकेट में विजय शर्मा करीब 15 साल से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह दिल्ली टीम के लिए खेलते हैं। एक बार उनका चयन भारतीय क्रिकेट टीम के शिविर के लिए भी हो चुका है। हालांकि पिता की तबियत खराब होने के कारण उन्हें शिविर छोड़ना पड़ा था। दिल्ली की ओर से उनका श्रेष्ठ प्रदर्शन 11 रन देकर 4 विकेट है। बल्लेबाजी में उनका बेहतर प्रदर्शन 54 नाबाद है।

सात साल की उम्र में काटना पड़ा था बायां हाथ
विजय का बायां हाथ करीब 27 साल पहले काटा गया था। उस दौरान वह सेक्टर-38ए में पेड़ से गिर गये थे। हाथ काफी चोटिल हो गया था। इलाज के बावजूद जख्म ठीक नहीं हुआ था। जिससे पूरे हाथ में संक्रमण फैल गया था। डॉक्टरों ने केहुनी के ऊपर के हिस्से को बचाने के लिए हाथ काटना ही आखिरी विकल्प बताया था।

केरल में ट्रायल के बाद पहली बार फुटबॉल के लिए चयन हुआ
वर्ष 2018 में भारतीय दिव्यांग फुटबॉल टीम के लिए केरल में ट्रायल हुआ। विजय दिव्यांग क्रिकेट में दिल्ली के खिलाड़ी थे। भारतीय दिव्यांग फुटबॉल टीम के लिए उन्होंने ट्रायल देने की सोची। भारतीय टीम के लिए हुए ट्रायल में विजय शर्मा को पांच लीग मैच खेलने का मौका मिला। उन्होंने इसमें सात गोल दागे और ट्रायल मुकाबलें में वह सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। विजय पहले भी फुटबॉल का अभ्यास करते थे, लेकिन कभी भी किसी राज्य या किसी टीम से प्रतियोगिताएं नहीं खेली। उन्हें ट्रायल के बारे में पता चला तो वह शामिल हुए और उनकी प्रतिभा को देखते हुए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया। पिछले फुटबॉल टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए इस बार भी उन्हें भारतीय टीम में चुन लिया गया।

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