कंचनजंगा पर फतह के लिए अर्जुन के पास सिर्फ एक मौक़ा

-मौसम ठीक नहीं होने के कारण 10  दिन देरी हुई

-तीन दिन पहले एक दर्जन पर्वतारोही चढ़ाई के लिए बढे थे, कैंप थ्री पर फंसे थे
-किसी तरह जान बचा पाए

नोएडा, खेलरत्न, सं:
विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा  फतह के लिए अर्जुन ने  26 या 27 मई की तारीख तय की है. इस वर्ष उनके लिए चोटी पर चढ़ाई  के लिए यह एकमात्र मौका होगा.  इन दो दिनों में मौसम के ठीक रहने का पूर्वानुमान है. अगर निर्धारित दिनों में अर्जुन चोटी  फतह नहीं कर पाते तो वापस लौट आएंगे. लिहाज़ा इस वर्ष कंचनजंगा की चढ़ाई के लिए यह उनका पहला और आखिरी प्रयास होगा, क्योंकि 30 मई के बाद  मौसम और भी ख़राब होने की उम्मीद है. ऐसे में चढ़ाई संभव नहीं मानी  जा रही है.
फाइल फोटो
  8586 मीटर ऊंची इस चोटी के बेस कैंप पर अर्जुन पिछले 10 दिन से रुके हुए हैं. तेज हवा और बर्फबारी के कारण सही समय का इंतज़ार पर्वतारोही कर रहे हैं. अर्जुन के साथ अभियान में शामिल करीब एक दर्जन पर्वतारोहियों ने तीन दिन पहले कैंप 2 की ओर बढे थे, लेकिन मौसम ख़राब होने के कारण किसी तरह  वापस आ पाए. , कई पर्वतारोही तो 24 घंटे से अधिक समय तक  फंसे रहे. किसी तरह इनकी जान बच पाई. अर्जुन 23 मई को बेस कैंप से  अभियान के लिए निकलेंगे. असफल होने पर वह अगले साल भी इस चोटी पर फतह के लिए आएंगे. अर्जुन के पिता एस के वाजपेई ने बताया कि मौसम ख़राब होने के बावजूद अर्जुन  एक प्रयास  करेगा।  उम्मीद है कि है वह सफल होकर लौटेगा.
सफल होने पर बनेगा विश्व रिकॉर्ड 

 इससे पहले शहर का यह पर्वतारोही 8000 मीटर से ऊंची 5  चोटियों पर चढ़ाई कर चुके हैं. अगर वह कंचनजंगा पर फतह करने में सफल होते हैं तो उनके नाम इस चोटी पर सबसे काम उम्र में चढ़ने का विश्व रिकॉर्ड होगा। इससे पहले अर्जुन एवरेस्ट , मनासलु , ल्होत्से, चो यू , मकालू चोटी पर फतह कर कई रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं.

 पर्वतारोहण के लिहाज़ तीसरी सबसे दुर्गम चोटी है कंचनजंगा 

यह चोटी चढ़ाई के लिहाज़ से तीसरी सबसे खतरनाक चोटी है. इस छोटी पर 187 पर्वतारोही ने चढ़ाई की या प्रयास किया।   इसमें से 40 की मौत हो गई. के-2 , अन्नपूर्णा के बाद कंचनजंगा पर फतह करना सबसे मुश्किल है. लिहाज़ा अर्जुन के लिए इसपर सफलतापूर्वक चढ़ाई करना मुश्किलों से भरा होगा. नुकीली चोटियां, खाई, बर्फभरी पर्वतारोहियों की मुश्किल बढ़ा सकती है , लेकिन  छोटी उम्र ही सही अर्जुन का पर्वतारोहण का लम्बा अनुभव   इस अभियान को पार  लगाने में काम आएगा .

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