प्राधिकरण अधिकारियों ने किस कानून के तहत स्पोर्ट्स ट्रस्ट बनाया : हाई कोर्ट 

-प्राधिकरण अधिकारीयों द्वारा स्पोर्ट्स ट्रस्ट बनाये जाने पर हाईकोर्ट सख्त
नोएडा, खेलरत्न, सं: time, 9:36, PM.
file photo.  noida stadium tennis court 
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा स्पोर्ट्स ट्रस्ट बनाये जाने पर इलाहाबाद  हाईकोर्ट ने सवाल खड़ा किया है. दो दिन पहले गौतमबुद्ध नगर के  जिला टेनिस संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से पूछा की किस कानून के तहत अधिकारियों ने ट्रस्ट बनाया और उन्हें जमीन भी दे दी गई. हाई कोर्ट के आदेश के बाद नोएडा में प्राधिकरण में हड़कंप मचा हुआ है.
यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन एवं न्यायमूर्ति यूसी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने जिला टेनिस संघ की याचिका पर दिया है. कोर्ट ने प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास से इन सवालों के जवाब में 6 जुलाई तक व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है. कोर्ट ने यह भी पूछा है कि  क्या  नोएडा प्राधिकरण खुद खेलों का आयोजन नहीं करा सकती. साथ ही यह भी पूछा है की  ट्रस्ट की आवंटित जमीन  का मालिक कौन है.  कोर्ट ने यह कहा है की यह समझ से परे है कि प्राधिकरण अपने ही अधिकारियों का ट्रस्ट कैसे बना सकता है. हाई कोर्ट ने यह बताने को कहा है कि नॉएडा के चेयरमैन और कुछ अधिकारियों  के स्पोर्ट्स ट्रस्ट को   सरकार ने अधिग्रहित जमीन देने में गलती के साथ अपराध किया है या नहीं.  अपराध करने वाले अधिकारी पर क्या करवाई होगी.
 
 
नवम्बर 2016  में जिला टेनिस संघ ने डाली थी याचिका 
 
जिला टेनिस संघ के अनुसार नोएडा प्राधिकरण ने नवम्बर में खेलों के प्रशिक्षण के लिए ग्राउंड के आवंटक का विज्ञापन दिया था, जिला टेनिस संघ ने भी स्टेडियम के छह टेनिस  कोर्ट के लिए  आवेदन दिया था, लेकिन  संघ को कोर्ट नहीं मिला.  संघ के पदाधिकारियों के अनुसार उनके पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर  के प्रशिक्षक के साथ ही सभी सुविधाएं हैं, वह प्राधिकरण के मानकों पर खरे है. जिला  टेनिस संघ करीब 10 सालों में 6 अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट, 150 से अधिक  टूर्नामेंट का आयोजन करा चुका है, कई टेनिस प्लेयर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी दमखम दिखाया. इसमें दीपक विश्वकर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. वहीँ 2 सालों से नोएडा स्टेडियम में कोई भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता नहीं हुई है.

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