विशेष : किसान के बेटे ने अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन में कांस्य जीत बढ़ाया देश का मान 

-इंडोनेशिया में खेला गया इंटरनेशनल जूनियर ग्रैंड प्री में हैबतपुर गांव के विकास ने जीता पदक

– इसी प्रतियोगिता में देश के दिग्गज शटलार रहे गोपीचंद की बेटी ने स्वर्ण पदक जीता
नॉएडा/ गाज़ियाबाद  : खेलरत्न, सं :
हैबतपुर गांव क किसान के बेटे विकास यादव ने इंटरनेशनल जूनियर ग्रां प्री बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश का  बढ़ाया है. गांव की पगडंडिओं से इंडोनेशिया में पदक जीतने का  सफर मुश्किलों भरा रहा. 15  अप्रैल को जकार्ता में  प्रतियोगिता समाप्त हुई. वह वर्तमान में  भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद से हैदराबाद  में खेल की बारीकियां सीख रहे हैं.
दाहिने तरफ आखिरी में केसरिया टी शर्ट में विकास
अंडर 15  में देश के नंबर 2  खिलाडी विकास ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शानदार प्रदर्शन किया. सेमीफइनल मुकाबले में भी उन्होंने उम्दा प्रदर्शन किया, लेकिन जीत नहीं मिली और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. सेमीफइनल में उनका मुकाबला मलेशिया के  मवार्डी पेट्रा  दमास के साथ हुआ. विकास ने आक्रामक खेल  दिखाते हुए अच्छी शुरुआत की. कांटे की टक्कर में विकास को पहला सेट 18 -17  से गंवाना पड़ा. दूसरे सेट में वापसी करते हुए जनपद के इस खिलाडी ने मलेशियाई खिलाड़ी  को 21 -18  से हराकर 1 -1  की बराबरी कर ली. तीसरे और निर्णायक सेट में भी विकास ने जोरदार खेल दिखया, लेकिन  साथ न मिलने और कुछ गलतियों के कारण 21 -17  से सेट गंवाकर  कांस्य
 पदक से संतोष  करना पड़ा. इसी  प्रतियोगिता के लड़कियों के वर्ग में दिग्गज शटलर पुलेला गोपीचंद की बेटी गायत्री ने स्वर्ण पदक जीता. विकास के भाई आकाश भी अंडर 17 में देश के नंबर दो खिलाडी हैं. विकास के पिता मुकेश कुमार बताते हैं कि  बेटे ने अपनी मेहनत  को साबित किया है. बड़ी मुश्किलों से उसने इस स्थान को हासिल किया है. विपरीत परिस्थितियों  में भी उसने हार नहीं मानी. मूलरूप से हैबतपुर निवासी विकास वर्तमान में ग़ाज़ियाबाद के सिद्धार्थ विहार में रहते हैं.  विकास के दादा दूधिया का काम करते थे .
‘विकास ने अंतर्राष्ट्रीय पदक जीतकर हमें गौरवान्वित किया है. किसी भी ग्रां प्री प्रतियोगिता में पदक जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है. हमें इस खिलाडी से भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. ‘
अरविन्द आनंद, विकास के पूर्व प्रशिक्षक
 
नॉएडा स्टेडियम से की थी खेल की शुरुआत 
आकाश और विकास ने बैडमिंटन की बारीकियां सीखने की शुरुआत नॉएडा   स्टेडियम से करीब 6 साल पहले की थी. अरविन्द आनंद की देखरेख में यह खेल में आगे बढे .स्टेडियम के दो साल  बाद विकास ने चार साल तक पुरवा अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी अजय कँवर की देखरेख में बैडिमिंटन की बारीकियां सीखीं.  पिता ने किसी तरह इनके बेहतर प्रशिक्षण के लिए पैसे जुटाए.

“विकास तेजी  से बैडमिंटन में आगे बढ़ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय  प्रतियोगिता में पदक जीतना आसान काम नहीं है, वह जरूर ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.’

 अरविन्द  आनंद, विकास के के पूर्व प्रशिक्षक.

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